रायबरेली में दलित युवक की मौत से मचा बवाल, NSUI उतरेगी सड़कों पर

रायबरेली में दलित युवक की मौत से मचा बवाल, NSUI उतरेगी सड़कों पर

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने मंगलवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने का एलान किया है।

एनएसयूआई का कहना है कि वह सड़कों पर उतरकर दलित युवक हरिओम की मॉब लिंचिंग के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी और उसे न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेगी।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में बहुजनों और दलितों पर हो रहे अत्याचार अब असहनीय हो चुके हैं। रायबरेली की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार करती है।

उन्होंने कहा कि जब हरिओम जान बचाने की गुहार लगा रहा था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम ले रहा था, तब भीड़ उसे बेरहमी से पीट रही थी और कह रही थी, “हम बाबा वाले हैं।” चौधरी ने इसे प्रदेश में फैली नफरत और जातिगत हिंसा का भयावह उदाहरण बताया।

वरुण चौधरी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपियों पर केवल गैर इरादतन हत्या (सेक्शन 304) का मामला दर्ज किया है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि “ऐसे अपराधियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, वरना यह समाज के लिए खतरनाक उदाहरण बनेगा।”

चौधरी ने आगे कहा, “हम जाति आधारित हिंसा और नफरत के इस मॉडल को स्वीकार नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरिओम के परिवार से माफी मांगनी चाहिए और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पीड़ित परिवार से फोन पर बात की है और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

एनएसयूआई ने साफ कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ हरिओम के लिए नहीं, बल्कि देश के हर उस युवा की आवाज है जो समानता और न्याय में विश्वास रखता है।